कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी के साथ भी की झूमा झटकी 


भोपाल । प्रदेश के उमरिया जिले में प्रदेश की जनजातिय कार्य मंत्री मीना सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर हमला कर दिया। हमले में एडिशनल एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया, एएसपी रामकृष्ण साहू, मंजू शर्मा थाना प्रभारी चंदिया, अमर बहादुर सिंह सिविल चौकी प्रभारी, एसआई सत्यदेव यादव सहित करीब डेढ दर्जन अधिकारी-कर्मचारी घायल हो गए, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा हैं। कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी के साथ भी झूम झपट की थी। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का यह आंदोलन पार्टी के नेता राधेश्याम ककोडिया के नेतृत्व में हो रहा है। आंदोलनकारियों ने जिला मुख्यालय के मुख्य चौराहे को पूरी तरह से घेर लिया था। चंदिया चौक पर रानी दुर्गावती की प्रतिमा के समक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए थे। मुख्य चौराहे के सभी रास्ते जाम हो जाने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। न सिर्फ रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था बल्कि कलेक्ट्रेट जाने वाले लोग भी परेशान थे। कटनी और शाहपुरा का मार्ग पूरी तरह से जाम हो चुका था। यही कारण है कि पुलिस ने आंदोलनकारियों से रास्ता खोल देने का निवेदन किया और इसी दौरान उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया। इस मामले में राधेश्याम ककोडिया का कहना है कि पुलिस निवेदन के भाव से नहीं आई थी, संभवत यही कारण है कि कुछ लोग नाराज हो गए होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह मौके पर मौजूद नहीं थे इसलिए उन्होंने देखा नहीं है कि हमला किसने किया है। एसपी निवेदिता नायडू का कहना है कि पुलिस व्यवस्था बनाने के लिए गई थी और इस दौरान पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया है। लगातार आरोप गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा जनजाति कार्य मंत्री पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। पिछले दो महीने के अंदर कई बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी मंत्री मीना सिंह के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त कर चुकी है। हालांकि पार्टी के नेताओं ने कोई पुख्ता दस्तावेज या तथ्य प्रस्तुत नहीं किया है, लेकिन यह आरोप मंत्री मीना सिंह पर लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने बस्ती विकास मद का करोड़ों रुपए मनमाने ढंग से खर्च कर दिए हैं। इस मद की राशि को अपने चाहते सरपंचों को दिया गया है, जिसके कारण सभी क्षेत्रों का विकास नहीं हो पाया। इस मद की राशि से विद्युतीकरण किया जाना था लेकिन यह कार्य भी नहीं हो पाया। चुनावी चाल इस मामले में जब मंत्री मीना सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने पुलिस कर्मियों पर हमले को लेकर अपनी संवेदना प्रकट की और कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए काम करती है और आंदोलन करने वाले लोग भी कहीं ना कहीं आम आदमी हैं, इसलिए उन्हें इस बात का ख्याल रखना चाहिए था कि वह पुलिस कर्मियों पर इस तरह हमला न करें। मंत्री मीना सिंह ने कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी पिछले कई दिनों से लगातार उन पर हमले कर रही है और इसकी वजह सिर्फ यही है कि चुनाव आ गए हैं और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी खुद को लोगों के सामने लाना चाह रही है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं के पास कहने के लिए कोई बात नहीं है तो वह मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। मीना सिंह ने कहा कि उनके क्षेत्र की जनता उन्हें बेहतर ढंग से समझती और जानती है कि उन्होंने कितना विकास किया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और पुलिस के बीच हुई झड़प में डेढ़ दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए है। इसमें गम्भीर रूप से घायल एडिशनल एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया, एएसपी रामकृष्ण साहू, मंजू शर्मा थाना प्रभारी चंदिया, अमर बहादुर सिंह सिविल चौकी प्रभारी शामिल है। इन सभी घायलों को प्राथमिक उपचार कर जबलपुर रेफर किया गया है। इस हादसे में अमर बहादुर सिंह को भी सिर पर गंभीर चोट के चलते इन्हें भी जबलपुर रेफर किया गया है।