पुलिस ने निजी बैंक कर्मचारी सहित पॉच और आरोपियो को किया गिरफ्तार


भोपाल। राजधानी के रातीबड़ थाना इलाके में दो बेटों को जहर देकर मारने के बाद पति-पत्नि द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी किये जाने के मामले में पुलिस ने 38 दिन बाद पॉच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। परिवार सहित खुदकुशी करने वाले इंश्योरेंस एजेंट भूपेंद्र विश्वकर्मा के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से भोपाल में यस बैंक के एक खाते में 95 हजार 700 रुपए ट्रांसफर हुए थे। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियो को गिरफ्तार किया है। जॉच में सामने आया की इस लेन देन में खाताधारक और यस बैंक के कर्मचारी समेत पॉचो आरोपियो को 1 लाख 80 हजार रुपए का कमीशन मिला था। पुलिस अब उस आरोपी की तलाश कर रही है, जिसने कमीशन दिया था। 
सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 23 दिन पहले राजस्थान के टोंक से खलील नामक आरोपी को पकड़ा जो जालसाजो को फेक बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। पूछताछ में सामने आया था की उसने 40 हजार रुपए में अपना खाता जालसाजो को किराए पर दिया था। बीते दिन पकड़े गये आरोपियो के नाम शारिक बेग (25) पुत्र मुश्ताक, निवासी अरवलिया, थाना ईंटखेड़ी, उबेज खान (27) पुत्र शफीक खान, जुमेराती, अरशद बेग (29) पुत्र जहिर बेग, निवासी इस्लामपुरा तलैया, शाहजहां उर्फ शाजी खान (31) पुत्र नासिर खान, निवासी कमला पार्क और फरहान रहमान (30) पुत्र रिजवान रहमान, निवासी सब्जी मंडी के पास, न्यू अशोका गार्डन बताये गये है। साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि भूपेंद्र के बैंक ऑफ बड़ौदा के एकाउंट से रकम हमीदिया रोड स्थित यस बैंक की ब्रांच में अमायरा ट्रेडर्स के खाते में 95 हजार 700 रुपए ट्रांसफर किए गए थे। इस अमायरा ट्रेडर्स का प्रॉपराइटर शारिक है। उससे पूछताछ करने पर चार और आरोपियों के नाम सामने आ गए। आरोपी शारिक ने पुलिस को बताया की शाजी उसका परिचित है। और उसके कहने पर अपनी फर्म के नाम पर अकाउंट खोलने की सहमति दी थी। आरोपी शाजी के दोस्त उबेज ने ही यस बैंक के कर्मचारी फरहान से शाजी की पहचान कराई थी। फरहान ने अमायरा फर्म के नाम पर अकाउंट खोलने से पहले 10 हजार की रकम लेकर फील्ड इंवेस्टिगेशन फर्जी तरीके से कर दी थी। इससे यस बैंक में खाता खुल गया। आरोपी अरशद बेग आरोपी शारिक का रिश्तेदार है। भूपेंद्र के खाते से शारिक के अकाउंट में आई रकम को अरशद ने निकाला था। इस पूरे फर्जीवाड़े में शाजी मध्यस्थ था। वह टेलीग्राम ग्रुप पर आरोपियों के संपर्क में रहता था। गौरतलब है कि शिव विहार कॉलोनी में रहने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा (38) कोलंबिया बेस्ड एक कंपनी में ऑनलाइन जॉब करते थे। वे टाटा एआईजी में भी इंश्योरेंस का काम देखते थे। भूपेंद्र पर ऑनलाइन कंपनी का लोन था। आर्थिक हालत खराब होने के कारण वो लोन जमा नहीं कर पा रहे थे। कंपनी ने उनका लैपटॉप हैक कर उसमें मिले कॉन्टैक्ट पर एडिटेड अश्लील वीडियो वायरल कर दिए थे। इससे परेशान भूपेंद्र ने अपनी पत्नी रितु (35) के साथ सुसाइड कर लिया। आत्महत्या से पहले उन्होनें अपने दो बेटों ऋतुराज (3) और ऋषिराज (9) को कोल्ड्रिंक में जहर मिलाकर दे दिया था। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है।