भोपाल।  प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राज में 1990 में 5 दर्जन कश्मीरी परिवार मध्यप्रदेश में स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के मुख्यमंत्री काल में बसने के लिए आए थे। यह प्रदेश का और कश्मीरी पंडितों का दुर्भाग्य है कि उन परिवारों को सहायता पहुंचाने की याद भारतीय जनता पार्टी के गृह मंत्री को 30 साल बाद आई है जबकि कई परिवार थोथे वादों की असलियत जानकर अन्य शहरों में प्रवास कर चुके हैं।
गुप्ता ने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार 15 साल में भी इन परिवारों की मदद नही कर सकी और उनके दुखों के नाम पर तीन चुनावों में भावनात्मक फायदा उठाती रही है।
उन्होंने सरकार से यह सार्वजनिक करने की मांग की कि 15 सालों में इन कश्मीरी पंडितों के प्रवासी परिवारों की उपेक्षा क्यों की गई? क्या यह मुद्दा केवल भाजपा के चुनावी भयादोहन की बलि चढ़ता रहा है।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा पुलिस कांस्टेबल भर्ती में महिला कांस्टेबल की ऊंचाई को 3 सेंटीमीटर घटाने की घोषणा को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि यह घोषणा तो 3 वर्ष पहले स्वयं शिवराज सिंह जी कर चुके हैं।
भूपेंद्र गुप्ता ने आश्चर्य व्यक्त किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार इतनी थोथी घोषणाएं कर चुकी हैं कि उन्हें अब यह याद ही नहीं रहता कि वह वे कौन सी घोषणा पहले ही कर चुके हैं । मुख्य मंत्री द्वारा आंगनवाडियों में पोषण के लिये दूध प्रदाय करने की घोषणा भी ऐसी ही अन्य घोषणा है जो विगत कई वर्षों से चल रही है।
भूपेन्द्र गुप्ता ने भाजपा अध्यक्ष से मांग की है कि वे थोथी घोषणायें करने वाले नये नये नेताओं पर रोक लगायें,ऐसी घोषणायें करने के लिये उनकी पार्टी का एक ही नेता काफी है।