देहरादून | कोविड महामारी के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पर्यटन प्रोत्साहन कूपन (टीआईसी) योजना तैयार की है। लेकिन पर्यटकों को इस योजना का लाभ मिलने का इंतजार है। सरकार की मंजूरी के बाद भी योजना अभी धरातल पर नहीं उतरी है। कोविड निगेटिव जांच और क्वारंटीन की बंदिशें हटाने के बाद प्रदेश में पर्यटकों की तादाद बढ़ रही है। ऐसे में पर्यटन विभाग ने फिलहाल टीआईसी योजना को रोक दिया है। लॉकडाउन से प्रदेश का पर्यटन उद्योग पूरी तरह से चौपट हो गया था। अनलॉक-पांच के बाद सरकार ने पर्यटन कारोबार को ऑक्सीजन देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बाहरी राज्यों के पर्यटकों को उत्तराखंड आने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद ने सरकार ने पर्यटन प्रोत्साहन कूपन योजना शुरू करने की मंजूरी दी थी।

टीआईसी योजना में ये मिलना है लाभ
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने योजना तैयार कर ली है। लेकिन प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को फिलहाल इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग ने भी टीआईसी योजना शुरू करने की अनुमति नहीं दी है। इसके पीछे तर्क है कि योजना का लाभ लेने के बाद पर्यटकों की संख्या और ज्यादा बढ़ेगी। जिससे पर्यटकों की संख्या को कोविड की गाइडलाइन के अनुसार नियंत्रित करने में मुश्किल आएगी। प्रदेेश में बाहर से पर्यटक यदि उत्तराखंड घूमने आते हैं, तो उन्हें कम से कम तीन दिन होटल व होम स्टे में ठहरने पर कमरा किराये के बिल में 25 प्रतिशत या एक हजार रुपये प्रतिदिन छूट दी जाएगी। ऑनलाइन पंजीकरण करने पर पर्यटकों को दो कूपन देकर वे निजी होटलों में छूट का लाभ ले सकते हैं। पर्यटन विभाग की ओर से छूट की प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना पर एक माह पर 2.70 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आने की संभावना है। टीआईसी योजना पूरी तरह से तैयार है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए रखी शर्ते हटाने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। प्रदेश में आ रहे पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल योजना शुरू न करने को कहा है। जिससे योजना को रोका गया है।

दिलीप जावलकर, सचिव, पर्यटन विभाग