ओलिंपिक महिला हॉकी वंदना कटारिया को लेकर कांस्य पदक के लिए ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ भारतीय टीम के मुकाबले को पूरा देश टकटकी लगाए देख रहा था। सांसे रोक देने वाले इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम अंतिम समय में हार गई। फिर भी पूरा देश उनकी जयजयकार कर रहा है। इन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं हरिद्वार, उत्तराखंड की वंदना कटारिया, जिन्होंने हॉकी स्टिक से खेल के मैदान में डंका बजाया। साथ ही उन लोगों को भी जवाब  दिया, जिन्होंने उनको जाति के बंधनों में बांधने की कोशिश की थी। जिनके लिए लड़कियां केवल घर के चूल्हे तक ही सीमित हैं।
उत्तराखंड सरकार ने तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार के नामों का ऐलान कर दिया है। हरिद्वार से ओलंपिक खिलाड़ी वंदना कटारिया के नाम की घोषणा तीलू रौतेली पुरुस्कार के लिए हुई है।इन पुरस्कारों के लिए चयनित महिलाओं को 8 अगस्त के दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पुरुस्कृत कर रहे है।ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में भारत को ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 3 के मुकाबले 4 गोल से हार का सामना करना पड़ा। एक समय पिछड़ने के बाद भारतीय बेटियों ने ताबड़तोड़ गोल दाग मुकाबले में बढ़त बना ली थी। एक गोल वंदना कटारिया का भी रहा। उन्होंने अपने गोल से विपक्षी टीम को पीछे नहीं धकेल दिया था। वंदना ने ओलिंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम की क्वार्टर फाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए ऐतिहासिक हैट्रिक बनाई और अपने अंतिम ग्रुप मैच में निचले क्रम के दक्षिण अफ्रीका पर 4-3 से जीत दर्ज की। अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में भी उन्होंने विपक्षी घेराबंदी को तोड़ा और कांस्य पदक के लिए कड़े मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन की टीम पर हावी रहीं।जिस पर हरिद्वार और उत्तराखंड ही नही पूरे देश को नाज़ है।
 इस बार पुरस्कार की राशि में 10-10 हजार की वृद्धि की गई है। इस क्रम में तीलू रौतेली विजेता को 31000 रुपए और आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 21000 रुपए और प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।  महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव हरि चंद्र सेमवाल ने तीलू रौतेली पुरुस्कारों के विजेताओं के नामो की घोषणा की।
चयनित तीलू रौतेली पुरस्कार 2020-21 तथा राज्य स्तरीय  आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार 2020-21 के लिए 22-22 नामों का चयन किया गया है। तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए देहरादून से अलग अलग क्षेत्रों में काम करने वाली कुल 4 महिलाएं शामिल हैं जिनमें  डा.राजकुमारी  भंडारी चौहान ( शिक्षा एवं महिला जागरूकता),श्रीमती श्यामा देवी ( महिला समूहों को प्रोत्साहित करने में) ,अनुराधा वालिया ( सामाजिक और राजनीतिक कार्य)  और डा.कंचन नेगी  (सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकारिता )शामिल हैं। उत्तरकाशी से रीना रावत ( पर्वतारोहण) , हरिद्वार से वंदना कटारिया ( ओलंपिक 2020 में महिला हाकी टीम की खिलाड़ी)  और चमोली से चंद्र कला तिवाडी ( कोविड 19 के दौरान सामाजिक कार्य) का नाम शामिल है। ऊधम सिंह नगर से 3 महिलाओं का चयन किया गया है जिनमें नमिता गुप्ता (महिला स्वास्थ्य और पोषण),बिन्दुवासिनी  ( गैर सरकारी संगठन के माध्यम से सामाजिक कार्य)और उमा जोशी (सामाजिक कार्य) शामिल हैं।  बागेश्वर से रुचि कालाकोटी( खेल) और ममता मेहता ( मशरूम की खेती)के नाम पुरस्कार  की सूची में दर्ज है। पौड़ी गढ़वाल जनपद से अंजना रावत ( स्वरोजगार)का नाम शामिल  है। नैनीताल से पार्वती किरौला ( समाज सेवा)को पुरस्कार  दिया जाएगा।अल्मोड़ा से दो महिलाएं कनिका भंडारी ( खेल क्षेत्र) और  भावना शर्मा ( महिला स्वास्थ्य) शामिल हैं। पिथौरागढ़ से भी 4 महिलाओं का चयन किया गया है जिनमें बबीता पुनेठा ( कोरोना योद्धा),दीपिका बोहरा ( सामाजिक कार्य एवं राजनीतिक),दीपिका चुफाल ( सामाजिक एवं राजनीतिक),रेखा जोशी ( बालिका शिक्षा के क्षेत्र में) का नाम शामिल है। चंपावत से रेनू गडकोटी  ( सामाजिक कार्य)और टिहरी गढ़वाल से पूनम डोभाल ( कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन) का चयन किया गया है।
वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में अल्मोड़ा से गौरा कोहली,पुष्पा प्रहरी,चंपावत से पुष्पा पाटनी, गीता चंद,हरिद्वार से कुमारी
गलिस्ता,देहरादून से अंजना,संजू बलोदी,कुमारी मीनू, ज्योतिका पांडेय ,उत्तरकाशी से सुमन पंवार,पौड़ी गढ़वाल से राखी,सुषमा गुसाईं,चमोली से आाशा देवी,नैनीताल से दुर्गाबिष्ट,ऊधम सिंह नगर से सोहनी शर्मा,वृंदा,प्रोन्नति विस्वास,बागेश्वर से हन्सी धपोला,गायत्री दानू,पिथौरागढ़ से हीरा भट्ट,टिहरी गढ़वाल से सुषमा पंचपुरी और रुद्रप्रयाग से सीमा देवी शामिल हैं।