मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार ने फर्राटा धाविका दुती चंद को ओडिशा खनन निगम (ओएमसी) में समय से पहले पदोन्नति दी है। पटनायक ने राज्य में तीन अत्याधुनिक खेल सुविधाओं के उद्घाटन के बाद कहा, ‘खेल में उपलब्धियों के लिए दुती को ओएमसी में समय से पहले पदोन्नति दी गई है।’ इस फर्राटा धाविका ने ट्विटर पर फोटो शेयर करते हुए यह जानकारी भी दी। उन्होंने लिखा, 'मुझे ओएमसी में अपनी नौकरी में प्रमोशन मिला, नवीन पटनायक सर ने मुझे अर्जुन अवॉर्ड के लिए पत्र दिया। मैं अपने माता-पिता को सफलता के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। मैं हमेशा मेरे पीछे खड़े रहने और प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहती हूं।'
इससे पहले ओडिशा सरकार ने जुलाई में कहा था कि उसने 2015 से दुती को 4.09 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। दुती ने हालांकि इस दावे का खारिज करते हुए कहा था कि इसमें तीन करोड़ रुपये की राशि उन्हें एशियाई खेलों में पदक जीतने के एवज में मिली थी। राज्य सरकार का यह बयान दुती के बीएमडब्ल्यू कार बेचने के प्रस्ताव पर आया था। दुती ने हालांकि बाद में कहा था कि वह कार को प्रशिक्षण खर्च के लिए नहीं बल्कि इसलिए बेच रहीं है क्योंकि इसके रख-रखाव का खर्च काफी अधिक है। ओडिशा सरकार ने दुती को ओएमसी में समूह-ए स्तर के अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है जिसमें उन्हें ‘प्रशिक्षण और वित्तीय प्रोत्साहन के लिए 29 लाख रुपये का समर्थन’ मिलता है। 
दुती चंद ने कहा अर्जुन पुरस्कार सही समय पर मिला है। आपके प्रदर्शन और उपलब्धियों के लिए सरकार द्वारा सराहा जाना हमेशा ही एक एथलीट के आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करता है। इससे मुझे ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने के अपने प्रयासों को और बेहतर करने का आत्मविश्वास मिलेगा।"
दुती चंद ने 36 साल बाद रियो 2016 में ओलंपिक के 100 मीटर इवेंट में क्वालिफाई करने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनने के लिए 11.32 सेकंड के तत्कालीन ओलंपिक क्वालिफाइंग लक्ष्य को पार करते हुए सुर्खियाँ बटोरी थीं।
हालांकि, टोक्यो ओलंपिक के लिए 11.15 सेकंड का क्वालिफिकेशन लक्ष्य तय किया गया है और दुती चंद के लिए यह काफी मुश्किल काम नज़र आ रहा है। 11.22 सेकंड उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ है, जो उन्होंने पिछले साल नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हासिल किया था।