अतिशय क्षेत्र पपौरा जी में आयोजित पंचकल्याणक  महामहोत्सव इन्हीं 22 वें भगवान नेमीनाथ स्वामी के जीवन पर केन्द्रित  है

टीकमगढ़ । भगवान नेमीनाथ जी 24 तीर्थंकरो में से एक  22 वें  तीर्थंकर  थे . उनके बाद 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ स्वामी और अंतिम तीर्थंकर  भगवान महावीर स्वामी  है . भारत भूमि पर 
अतिशय क्षेत्र पपौरा जी में आयोजित पंचकल्याणक  महामहोत्सव इन्हीं 22 वें भगवान नेमीनाथ स्वामी के जीवन पर केन्द्रित  है , 05 मार्च को गर्भ कल्याणक पूर्व 06 मार्च को गर्भ कल्याणक उत्तर 07 मार्च को जन्म कल्याणक,  08 मार्च तप कल्याणक 09 मार्च को ज्ञान कल्याणक,10 मार्च को मोक्ष कल्याणक  एवं समापन समारोह इस अवसर पर अतिशय क्षैत्र पपौरा जी में आचार्य प्रमुख सागर जी एवं अनेक महामुनिराजो  द्वारा  धर्मधारा प्रवाहित की जावेगी. और मंगल आशीर्वाद दिया जाएगा. अतिशय क्षेत्र पपौरा जी  समूचे भारतवर्ष में भूतल  पर स्थित एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहाँ पर 108 शिखरबंद  मदिर है . अन्य मंदिरो का निर्माण भी हुआ है.  पपौरा जी में वर्षों पूर्व चमत्कार होते थे  एक बाबड़ी से कोई भी व्यक्ति शादी-ब्याह में  आवश्कतानुसार बर्तन  निकाल कर,काम संपन्न हो जाने पर ज्यों का त्यों लौटा देता था,यह परम्परा लंबे समय चली लेकिनएक व्यक्ति ने लालच में आकर बर्तन वापस नहीं रखे 
  बाबरी का आज भी अस्तित्व है यह पतराखन बाबड़ी कहलाती हैं । भूतल पर स्थित  पपौरा जी में साधु संत , व्रती लोग जीवन के अंतिम समय में धर्म ध्यान  आदि सुविधा जनक ढंग से  कर पाते हैं.  सभी श्रद्धालु चमत्कारी  बावड़ी का अवलोकन अवश्य  करें समारोह स्थल पर तैयारियां ज़ोरो  पर हैं ,क्षैत्र  की प्रबंध कमेटी द्वारा  
निरन्तर पपौरा जी तीर्थ  के क्षेत्रफल का विस्तार किया जा रहा है.