जनता से झूठे वादे कर सीएम बनने के बाद कमलनाथ ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दीं। संबल योजना को उन्होंने बंद कर दिया। गरीब मजदूरों की दुघर्टना में मौत पर मिलने वाले 4 लाख, सामान्य मौत के 2 लाख व अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली 5 हजार रुपए तक वे खा गए। इतना ही नहीं वे ट्रांसफर उद्योग के नाम पर बोरियों में नोट भरने लगे। वे कमलनाथ के बजाय बोरानाथ हो गए। जब सिंधिया ने उनसे वादे पूरे करने को कहा तो उन्होंने कह दिया कि सड़कों पर उतर जाओ। परिणम आप देखिए जनता के सहयोग से सिंधिया जी ने उन्हें (कमलनाथ) को ही सड़क पर पहुंचा दिया। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिमनी के रतीराम का पुरा व अंबाह विस की पोरसा मंडी में आयोजित जनसभा में कही। इस दौरान उन्होंने दिमनी में 88 करोड़ तथा पोरसा में 101 करोड़ की लागत से सड़कें, सीसी रोड, खरंजा, तालाब जीर्णाेद्धार जैसे कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया। दिमनी व पोरसा में सभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ-दिग्विजय पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि 20 महीने पहले जनता से जो वादे करके कांग्रेस सरकार सत्ता में आई, उन्हें सीएम कमलनाथ व दिग्विजय ने भुला दिया। ट्रांसफर का उद्योग खोल दिया। जब हमने कहा कि किसान व जनता परेशान है तो अपने वादे से मुकर गए। इसलिए हमने इनका साथ छोड़कर भाजपा को समर्थन दिया। हमारे विधायकों ने जनता के लिए अपनी विधायकी छोड़ दी। अब आपकी जिम्मेदारी है कि उपचुनाव में दिमनी से अपने भाई, बेटे गिर्राज डंडौतिया व अंबाह से कमलेश जाटव को विजयी बनाकर विकासशील सरकार के हाथ मजबूत करें।