बस कुछ ही दिनों बाद नया साल दस्तक देने वाला है और इस खास मौके पर लगभग सभी लोग पार्टी करने और घूमने का प्लान बनाते हैं। नए साल को सेलिब्रेट करने के लिए कई लोग तो एक दो दिन पहले ही घूमने के लिए निकल जाते हैं। कई लोग अब भी दोस्तों, परिवार और पार्टनर के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी इस ख़ुशी के मौके पर खूबसूरत और गुमनाम जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो उत्तराखंड की वादियों में मौजूद काशीपुर घूमने के लिए जा सकते हैं।

द्रोण सागर लेक- काशीपुर में मौजूद द्रोण सागर लेक एक प्राचीन जगह होने के साथ-साथ एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है। मुख्य शहर से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद यह जगह घूमने के लिए खास है। कहा जाता है कि इस जगह का निर्माण महाभारत काल में पांडवों ने अपने गुरु द्रोणाचार्य के लिए किया था। इस लेक के पानी को गंगा नदी के समान पवित्र भी माना जाता है। ऐसे में आप काशीपुर में इस फेमस और पवित्र जगह घूमने के लिए जा सकते हैं।

गोविषाण फोर्ट- वैसे तो इस शहर में एक से एक प्राचीन और प्रसिद्ध फोर्ट्स मौजूद हैं लेकिन पर्यटन के मामले में सबसे अधिक चर्चित फोर्ट गोविषाण फोर्ट है। इस जगह के बारे में चीनी इतिहासकारों ने भी कई बार लिखा और पढ़ा है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में इस फोर्ट के बीच में एक खूबसूरत बगीचा, तालाब और कई बौद्ध मठ हुआ करते थे लेकिन, समय के साथ यह नष्ट हो गए।

गिरी सरोवर- एक पौराणिक सरोवर है। इस सरोवर के ठीक बगल में मौजूद मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। हर महीने हजारों सैलानियों के आने की वजह से इस जगह को साल 2009 के आसपास सौंदर्यीकरण किया गया ताकि और भी सैलानी यहां घूमने पहुंचे हैं। रात के समय लाइट की वजह से यह सरोवर किसी जन्नत से कम नहीं लगता है।

मां बाला सुंदरी - महाभारत काल में ही इस जगह कुछ ऐसे मंदिरों का निर्माण किया गया जो आप समूचे उत्तराखंड के लिए पहचान है। काशीपुर में एक नहीं बल्कि कई प्राचीन मंदिर है। जैसे- नैनी देवी मंदिर, चैती देवी मंदिर, मां बाला मंदिर और मोटेश्वर महादेव आदि पवित्र जगह घूमने के लिए जा सकते हैं। दिल्ली से लगभग 231 और चंडीगढ़ से लगभग 364 किलोमटर की दूरी पर है।