बड़े टूर्नामेंटों में कई बार बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर कर चुकी आयरलैंड के सामने टी-20 विश्व कप के शुरुआती चरण में सोमवार को नीदरलैंड्स की चुनौती होगी। ग्रुप- का यह मुकाबला काफी अहम होगा क्योंकि दोनों टीमें सुपर-12 चरण में जगह बनाने की दावेदार हैं। खेल के सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में हालांकि आंकड़े नीदरलैंड्स के पक्ष में है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ 12 टी-20 मैचों में से सात में जीत हासिल की है। नीदरलैंड्स की टीम हालिया वनडे सीरीज में भी आयरलैंड पर भारी पड़ी थी। आयरलैंड ने पाकिस्तान (2007), इंग्लैंड (2011), वेस्टइंडीज (2015) और जिंबाब्वे (2015) और बांग्लादेश (2009 टी-20 विश्व कप) के खिलाफ विश्व कप में जीत दर्ज की है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतर टीम के रूप में स्थापित होने के बाद ये दोनों टीमें टूर्नामेंट के अगले चरण में पहुंचने की दावेदार हैं।

आयरलैंड ने 2009 में टी-20 विश्व कप के दूसरे दौर में पहुंचकर कई लोगों को चौंका दिया था। यह शीर्ष स्तर पर उनका पहला वैश्विक टूर्नामेंट था। इस टीम के पास 2014 में शुरुआती चरण से आगे बढ़ने के बाद मौका था लेकिन उन्हें खराब नेट-रन रेट का खामियाजा भुगतना पड़ा। टीम हालांकि अपने चार टूर्नामेंटों में पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाई। टीम की कोशिश 2014 के बाद से टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करने की होगी। युवा और अनुभवी खिलाडि़यों के शानदार मिश्रण वाली टीम आयरलैंड ने कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात से मैच गंवाने के बाद भी बेहतर नेट रन रेट पर क्वालीफायर में अपने वर्ग में शीर्ष पर रहते हुए इस साल के टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया।

आयरलैंड ने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मार्च 2020 में खेला था। तीन मैचों की इस सीरीज में उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। टीम ने हाल में घरेलू सरजमीं पर स्काटलैंड के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में जीत दर्ज की लेकिन पांच देशों की सीरीज के फाइनल में उसे मेजबान ओमान से हार का सामना करना पड़ा। अनुभवी केविन ओब्रायन उनके प्रमुख खिलाड़ी होंगे, जो 2009 में भी टीम में थे। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ अपने भाई नियाल के साथ मैच जिताऊ पारी खेली थी। केविन ने उस मैच में 17 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने 2011 में वनडे विश्व कप में सबसे तेज शतक बनाकर बेंगलुरु में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में ओमान के खिलाफ सिर्फ 62 गेंदों में 124 रन बनाकर सबसे छोटे प्रारूप में आयरलैंड के लिए पहला शतक बनाया। नीदरलैंड्स ने टी-20 विश्व कप क्वालीफायर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचकर इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। उन्होंने इसके बाद क्वालीफायर प्रतियोगिता में भी जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स ने भी कुछ मौकों पर बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर किया है। उसने टी-20 विश्व कप में 2009 में लार्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2014 टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड और फिर आयरलैंड को बुरी तरह से हराया था। टीम ने आयरलैंड के खिलाफ जीत के लिए मिले 190 रन के लक्ष्य को महज 14 ओवर में हासिल कर दूसरे चरण के लिए क्वालीफाई किया था।