भोपाल । भोपाल में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। जहां प्यारे मियां कांड में यौन शोषण पीड़िता नाबालिग बच्ची की मौत के बाद शव उसके परिजनों को सौंपने की जगह पुलिस ने सीधे श्मशानघाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। मामले में पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं, वहीं बालिका गृह के प्रशासन पर बच्ची को जहर देकर मारने की भी बात कही है। मामले में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी शिवराज सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि, हाथरस जैसी अमानवीयता कितनी बार दोहरायी जाएगी? भाजपा सरकार महिला सुरक्षा में फेल है ही, पीड़िताओं और उनके परिवार से मानवीय व्यवहार करने में असमर्थ भी है। वहीं पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी ट्वीट कर कहा कि बेहद निंदनीय, बेहद शर्मनाक ....शिवराज सरकार में भांजियां कहीं भी सुरक्षित नहीं ? राजधानी में यौन शोषण की शिकार मासूम बच्चियां बालिका गृह में भी सुरक्षित नहीं? कितनी अमानवीयता, मृत पीडिता को उसके घर तक नहीं जाने दिया, उससे अपराधियों जैसा व्यवहार?उसके परिवार को अंतिम रीति- रिवाजों से भी वंचित किया गया, यह कैसी निष्ठुर व्यवस्था? कहां है जिम्मेदार ? वहीं पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए, वहीं बाकी बालिकाओं को भी पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर कहा कि उनके इलाज की भी समुचित व्यवस्था हो। साथ ही दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि प्यारे मियां यौन शोषण मामले में 5 फरियादी बालिका गृह में रह रही हैं। उनमें से एक नाबालिग को नींद की गोलियां खा लेने के कारण सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां बालिका को वेंटिलेटर पर रखा गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि बालिका गृह में बच्ची को जानबूझ कर नींद की गोलियां दी गई है। बताया जा रहा है इसी बच्ची ने प्यारे मियां के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। प्यारे मियां अखबार वाले पर आरोप था कि वह नाबालिग बच्चियों को नशा देकर यौन शोषण करवाता था।