चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से अभी संन्यास नहीं लेंगे। धोनी ने कहा है कि वह सीएसके की ओर से खेलते रहेंगे। आईपीएल के इस सत्र में सीएसके और स्वयं धोनी के खराब प्रदर्शन के कारण यह अटकलें तेज हो गयीं थीं कि वह कभी भी संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। धोनी की कप्तानी में तीन बार की विजेता टीम पहली बार प्लेऑफ में भी नहीं पहुंच पायी। धोनी के संन्यास की अटकलें उस समय और तेज हो गयीं थीं जब वो हर मैच के बाद खिलाड़ियों को अपनी जर्सी बांटते हुए दिखे। मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले में हार्दिक पंड्या और क्रुणाल पंड्या ने धोनी से उनकी आईपीएल जर्सी ली। इसके अलावा धोनी इस आईपीएल में अपने नाम के अनुरुप प्रदर्शन नहीं कर पाये। धोनी के लिए ये अबतक का सबसे खराब आईपीएल रहा है।
इलेवन पंजाब के खिलाफ सीएसके के आखिरी लीग मैच में धोनी ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया। धोनी ने कहा है कि वह अभी आईपीएल में खेलते रहेंगे और उनका संन्यास का कोई इरादा नहीं है। धोनी जब आईपीएल 2020 में आखिरी बार टॉस करने आए तो उनसे कमेंटेटर डैनी मॉरिसन ने पूछा कि क्या ये आपका पीली जर्सी में आखिरी आईपीएल मैच होगा? इस पर धोनी ने सीधा जवाब दिया 'नहीं बिलकुल नहीं, ये मैरा पीली जर्सी में आखिरी मैच नहीं है।' गौरतल है कि इससे पहले सीएसके के सीईओ काशी विश्वनाथन ने भी कहा था कि धोनी अगले सत्र में भी चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी करेंगे। केवल एक आईपीएल सत्र से उनपर हमारा भरोसा कम नहीं हुआ है। 
वॉटसन ने लिया संन्यास 
वहीं चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के आईपीएल से बाहर होते ही शेन वॉटसन ने संन्यास ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया का ये दिग्गज खिलाड़ी अब आईपीएल में भी नहीं खेलेगा। वॉटसन इस आईपीएल सत्र  में कुछ खास नहीं कर पाए थे। इस खिलाड़ी ने 11 मैचों में केवल 29.90 की औसत से 299 रन बनाए। वॉटसन ने दो ही अर्धशतक बनाये और उनका स्ट्राइक रेट 121.05 रहा। वॉटसन का औसत प्रदर्शन चेन्नई सुपरकिंग्स को भारी पड़ा और इस वजह से वो पहली बार आईपीएल के प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई। सीएसके ने अपने आखिरी लीग मैच की अंतिम ग्यारह में वॉटसन को शामिल नहीं किया था। वॉटसन ने अपना आखिरी आईपीएल मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 29 अक्टूबर को खेला था। सीएसके को भी वाटसन इस सीजन के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं। जैसे ही चेन्नई ने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच खेला, उसके बाद ही वॉटसन ने अपने साथी खिलाड़ियों को बताया कि वो क्रिकेट के हर प्रारुप को अलविदा कह रहे हैं। सीएसके ने वॉटसन को साल 2018 में खरीदा था, उस समय उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। 2018 आईपीएल फाइनल में वॉटसन ने शानदार शतक ठोक चेन्नई सुपरकिंग्स को तीसरी बार आईपीएल चैंपियन बनाया था।
वॉटसन का आईपीएल करियर शानदार रहा है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नई सुपरकिंग्स का प्रतिनिधित्व किया है। इस खिलाड़ी ने 145 मैचों में 30.99 की बेहतरीन औसत से 3874 रन बनाए हैं। वॉटसन ने आईपीएल में 4 शतक और 21 अर्धशतक लगाये हैं। वॉटसन ने आईपीएल में 92 विकेट भी लिए। वॉटसन को अगर आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े मैच विजेता खिलाड़ियों में शामिल किया जाए तो गलत नहीं होगा। साल 2008 में वॉटसन मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। साल 2013 में भी वॉटसन मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने। 2008 आईपीएल सेमीफाइनल में वॉटसन ने 52 रनों की पारी खेल राजस्थान रॉयल्स को फाइनल में पहुंचाया था। 2018 फाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वॉटसन ने नाबाद 117 रन बनाये थे। 2019 में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ क्वालिफायर मैच में 50 रन बनाए थे। आईपीएल 2019 के फाइनल में भी वॉटसन ने 80 रनों की पारी खेली थी पर सीएसके केवल 1 रन से आईपीएल फाइनल हार गई थी।