पेइचिंग । पूर्वी लद्दाख में भीषण ठंड का दौर शुरू हो गया है और भारत के साथ तनाव के बीच चीन ने अपने सैनिकों को सैकड़ों ट्रकों में लादकर हजारों टन आवश्‍यक सामानों की आपूर्ति की है। चीन ने आने वाले महीनों में इस इलाके में जमा देने वाली ठंड से ठीक पहले यह आपूर्ति की है। चीन के सरकारी टीवी ने बताया कि सैकड़ों ट्रक दिन-रात सफर करके पूर्वी लद्दाख पहुंचे। माना जा रहा है कि चीन ने पूरे ठंडभर इस इलाके में बने रहने की तैयारी पूरी कर रहा है। 
पर्याप्‍त सप्‍लाइ के बाद अब चीनी सैनिक आसानी से ठंड का मौसम बिता सकेंगे। चीनी सामान का यह कारवां ऐसे रास्‍ते से गुजरा जहां बहुत तेजी से ऑक्‍सीजन का लेवल गिर जाता है और भूस्‍खलन होता रहता है। इस दौरान चीनी सैनिकों को सप्‍लाइ बनाए रखने के लिए काफी मशक्‍कत करनी पड़ी। गत मई महीने से ही चीन और भारत के हजारों की तादाद में सैनिक इस इलाके आमने-सामने मौजूद हैं। 
पूर्वी लद्दाख में दिसंबर और जनवरी के महीने में पारा गिरकर माइनस 30 डिग्री तक पहुंच जाता है और इस दौरान सैनिकों के लिए गोली से ज्‍यादा खतरनाक बर्फ और ठंड हो जाती है। साथ ही ऑक्‍सीजन का लेवल भी गिर जाता है। उल्लेखनीय है कि भारत और चीन के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन इस विवाद का हल होता नहीं दिख रहा है। चीनी ड्रैगन बातचीत की आड़ में एकबार फिर से भारत के साथ बडे़ धोखे की तैयारी कर रहा है। 
चीन की सेना पीएलए ने अपने कब्‍जे वाले अक्‍साई चिन इलाके में पिछले 30 दिनों में बड़े पैमाने पर सैनिकों को तैनात किया है और बहुत तेजी के साथ सड़कों का निर्माण कर रही है। यही नहीं चीन ने पैंगोंग झील के फिंगर 6 से 8 को जोड़ने वाली रोड को भी चौड़ा किया है, ताकि किसी युद्धक कार्रवाई की सूरत में बहुत तेजी से चीनी सेना को भारतीय मोर्चे के पास तक पहुंचाया जा सके। चीनी सेना की इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि वह अक्‍साई चिन में लंबे समय तक डटे रहने की तैयारी कर रही है। 
चीनी सेना भारत के साथ बातचीत के साथ-साथ उस पर दबाव बनाए रखना चाहती है। भारत और चीन की सेना के बीच सैनिकों को पीछे हटाने और तनाव को घटाने के लिए बहुत जल्‍द ही बातचीत होने वाली है। भारतीय सैन्‍य सूत्रों ने बताया कि पीएलए कराकोरम पास से 30 किमी दूर समर लुंगपा और रेचिन ला के दक्षिण में स्थित माउंट साजूम में 10-10 बंकर बना रही है। यही नहीं चीनी सेना की नजर रणनीतिक रूप से बेहद अहम दौलत बेग ओल्‍डी हवाई पट्टी पर भी है।