दीवाली का त्योहार आ गया है। पांच दिनों के इस पर्व पर हम घर से लेकर जीवन को प्रकाश से भर देते है। इस बार दीवाली की पूजा 14 नवंबर को की जाएगी। शुभ मुहूर्त शाम का है। शाम 5 बजकर 24 मिनट से रात 8 बजकर 06 तक प्रदोषकाल रहेगा, जिसे पूजा का सबसे भाग्यशाली मुहूर्त माना जाता है। इसी के बीच रात 7 बजकर 24 मिनट से सभी कार्यों में सफलता और शुभ परिणाम दिलाने वाली स्थिर लग्न वृषभ भी पड़ा रहा है।

प्रदोष काल से लेकर रात्रि 7 बजकर 5 मिनट तक लाभ की चौघड़िया भी विद्यमान रहेगी। यह भी मां श्रीमहालक्ष्मी और गणेश की पूजा के लिए श्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक है। इसी समय परम शुभ नक्षत्र स्वाति भी विद्यमान है जो 8 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। सभी गृहस्थों के लिए इसी समय के मध्य में मां श्रीमहालक्ष्मी जी की पूजा-आराधना करना श्रेष्ठतम रहेगा।

दीवाली पर व्यापारी और किसी भी तरह का व्यवसाय करने वालों के लिए पूजन के लिए धनु लग्न को श्रेष्ठ माना जाता है। इस दृष्टि से कल कारखानों, ट्रांसपोर्टरों, डॉक्टरों और होटल का व्यवसाय करने वालों के लिए लक्ष्मी पूजन का विशेष मुहूर्त है। आप सभी सुबह 11 बजकर 21 मिनट से दोपहर 01 बजकर 02 मिनट तक मकर लग्न में पूजा पाठ करें। आपकी दीपावली शुभ और मंगलमय हो।