होशंगाबाद के बानापुरा में दिवाली के दिन हुए तिहरे हत्याकांड में खुलासा हुआ है। दंपती और 12 साल के बेटे की हत्या कथित तांत्रिक ने की थी। उसने ‘इंद्रजाल’ नाम की किताब पढ़कर तंत्र-मंत्र सीखा था। तांत्रिक गणेश कासिव और उसके साथी मोनू उर्फ मोहन बामने को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने वारदात भी कबूल कर ली है।

गणेश ने घर से रहस्यमय तरीके से गायब हो रहे रुपयों और जेवरात को वापस दिलाने का भरोसा दिलाया था। वह दो लाख रुपयों को वापस ले आया, तो इन्हें वह खुद रख लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। साथ ही, वह घर से लूटपाट करना चाहता था। उसके पास से वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बाइक, मोबाइल, खून से सने कपड़े और चोरी गया मंगलसूत्र जब्त किया है।

बानापुरा में 4 नवंबर को घर में योगेश उर्फ पप्पू नामदेव और उसकी पत्नी सुनीता व 12 साल के बेटे पप्पू का शव मिला था। शव लहूलुहान थे। योगेश पान की दुकान चलाता था। पत्नी सुनीता आटा चक्की और किराना दुकान चलाती थी।

एसपी डाॅ. गुरुकरन सिंह ने बताया कि योगेश ने परिजन से घर से आधे रुपए, आधी रकम गायब होने का जिक्र किया था। उसके मौसेरे भाई मनीष ने उसे तांत्रिक गणेश कासिव से मिलवाया। इसके बाद गणेश कासिव ने योगेश के घर दो बार आकर तांत्रिक क्रिया भी की थी। रूप चौदस और अमावस्या की रात को भी उसने तंत्रमंत्र की क्रिया कर गायब रुपए और रकम वापस दिलाने का भरोसा दिलाया था।

दिवाली के एक दिन पहले ही मार डाला था

3 नवंबर को रूप चौदस की रात गणेश अपने साथी मोनू बामने को लेकर योगेश के घर पहुंच गया। वह रात 10 बजे दुकान बंद कर तांत्रिक क्रिया में लग गए। यहां उसने चुपके से घर बन रहे खाने में बेहोशी की चीज मिला दिया। खाना खाने के बाद दंपति और बेटा बेहोश हो गया। इसके बाद तांत्रिक गणेश और मोनू ने कुल्हाड़ी से पहले योगेश और पत्नी सुनीता को मारा। फिर बेटे को कुल्हाड़ी से गले, गर्दन और सिर पर मार हत्या की। इसके बाद सामान चोरी कर भाग गए।


तांत्रिक क्रिया पर इसलिए हुआ शक

घटना चौदस-अमावस्या की रात को हुई। घटना स्थल पर पुलिस को एक कमरे में दीपक जलता मिला था। पप्पू की गर्दन, गले, दंपति के सिर, गले पर धारदार हथियार के निशान मिले थे। इससे पुलिस को तांत्रिक क्रिया की ओर शक बढ़ा। मोहल्ले के लोगों व योगेश के पिता से पूछताछ में तांत्रिक क्रिया की बात सामने आई। तांत्रिक गणेश से पूछताछ करने पर उसने तंत्र क्रिया व वारदात कबूल कर लिया। पिता ने बताया था कि तंत्र-मंत्र करने के लिए पहले गणेश आया था। इसी आधार पुलिस ने गणेश को बुलाकर पूछताछ की।

पहली बार में आरोपी ने वारदात से इनकार किया। वह पुलिस को बरगलाता रहा। सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी ने वारदात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि अगर पैसे वापस आ जाते हैं, तो उन पैसों को वह खुद लेकर जाने वाला था। यह रकम करीब दो लाख रुपए थे।

5 दिन में किया खुलासा

एसपी ने सिवनी-मालवा थाने के अलावा स्पेशल 4 टीम गठित की। एएसपी अवधेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में एसडीओपी सौम्या अग्रवाल ने चारों टीमों को अलग-अलग टास्क दिए। एक टीम हरदा, दूसरी घटना, तीसरी सीसीटीवी फुटेज निकालने और चौथी टीम को परिजनों के संपर्क में रही। एसपी ने टीम को इनाम देने की घोषणा की।