भोपाल । प्रदेश में खंडवा लोकसभा और रैगांव, जोबट और पृथ्वीपुर विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित होंने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अगले माह पंचायत चुनाव कराने का एलान कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसी महीने 21 अक्टूबर को सभी कलेक्टरों की बैठक बुलाई है। इसमें पंचायत चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण अभी नहीं हुए है, आयोग ने सरकार से इसका ब्यौरा भी मांगा है।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव न्यायालयीन प्रक्रिया के चलते उलझ गए है। ऐसे में अब सरकार पहले पंचायत चुनाव करा सकती है। अक्टूबर में संभावित कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप सामने नहीं आने के बाद अब सरकार दीपावली त्यौहार के बाद पंचायत चुनाव कराने के मूड में है। ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है अब जिला पंचायतों में अध्यक्ष के पदों का आरक्षण होना बाकी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के आरक्षण की जानकारी मांगी है। राज्य सरकार अगले महीने में अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करा सकती है। वर्ष 2020 में पंचायत चुनावो के लिए मतदाता सूची के अपडेटेशन का काम पूरा हो चुका है। इसलिए राज्य सरकार इसी मतदाता सूची के आधार पर पंचायत चुनाव करवा सकती है।
3 चरणों में होंगे चुनाव
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण में 7 हजार 527 पंचायतों में चुनाव होगा। दूसरे चरण में 7 हजार 571 पंचायतों में और तीसरे चरण में 8 हजार 814 पंचायतों के चुनाव कराए जाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष के 52 पदों के लिए चुनाव होंगे। वहीं 313 ग्राम पंचायतों में 23 हजार 912 सरपंच और 3 लाख 77 हजार 551 पंचों के चुनाव कराए जाएंगे। जिपं सदस्यों के 904 और जनपद पंचायत सदढस्य के 6 हजार 833 पदों के चुनाव होने है।
कलेक्टरों के साथ चर्चा 21 को
राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह ने प्रदेश के सभी 52 जिलों के कलेक्टरों की बैठक 21 अक्टूबर को बुलाई है। इसमें पंचायत चुनाव के लिए तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। मतदान केन्द्रों की संख्या, मतदाता सूची की तैयारी और चुनाव के लिए ईवीएम की आवश्यकता तथा संवेदनशील केन्द्रों और सुरक्षा अमले की जरुरतों पर कलेक्टरों से चर्चा की जाएगी। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे जबकि सरपंच के चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएंगे।