नई दिल्ली | मोदी सरकार ने दीवाली से पहले 30 लाख सरकारी कर्मचारियों (नॉन गजेटेड) को बोनस देने का फैसला किया है। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों को बोनस देने से सरकार पर 3,737 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। आपको बता दें कि इससे पहले केन्द्र सरकार ने हाल ही में सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को त्यौहारों के मौके पर 10,000 रुपये का ब्याज मुक्त अग्रिम देने का फैसला किया था। उपभोक्ता खर्च बढ़ाकर अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने की योजना के तहत सरकार ने यह कदम उठाया था। मंत्री ने बताया कि विजयदशमी या दुर्गा पूजा से पहले ही 30 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 3737 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान तुरंत शुरू होगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए एक ही किश्त में बोनस दिया जाएगा। जावड़ेकर ने बताया कि जनकल्याण के अनेक कानून भारत में होकर भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होते थे। आज उस निर्णय पर मुहर लगी और अब जिला विकास परिषद के सीधे चुनाव होकर जनप्रतिनिधियों के हाथ में सत्ता आएगी। उन्हाेंने बताया कि ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और अब जिला पंचायत, ऐसी त्रिस्तरीय रचना जो पंचायत राज के कानून में निहित है वो अब कश्मीर में भी लागू होगी।

केन्द्र सरकार की क्या थी स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम

1- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि छठे वेतन आयोग से केंद्र सरकार के कर्मचारियों को त्योहार के लिए अग्रिम देने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी।

2- उन्होंने कहा था कि एकमुश्त उपाय के तहत सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 10,000 रुपये का ब्याज मुक्त अग्रिम देने का फैसला किया। 

3- उन्होंने कहा था कि 10,000 रुपये का यह अग्रिम प्री-पेड रुपे कार्ड के रूप में होगा। 

4- ये फेस्टिव एडवांस 31 मार्च, 2021 तक खर्च करना होगा।

5- वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को इस अग्रिम का भुगतान 10 किस्तों में करना होगा। इस पर सरकार 4,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।