पटना। पिछले महीने हुए बिहार विधान परिषद चुनाव में भाजपा, सीपीआई और कांग्रेस ने अपनी जीती हुई सीट बरकरार रखी हैं। यह जानकारी चुनाव आयोग ने दी। चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार विधान परिषद का एक निर्वाचन क्षेत्र जदयू ने निर्दलीय उम्मीदवार से हार कर गंवा दिया और दो अन्य पर उसने कब्जा कर लिया। आयोग के अनुसार, पटना, कोशी, दरभंगा और तिरहुत के स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतों की गिनती पूरी हो गई। यह काउंटिंग गुरुवार को शुरू हुई। आयोग ने कहा कि मई में खाली हुई सीटों के लिए मतदान कोविड-19 महामारी के कारण कुछ महीनों के लिए टाल दिया गया था और यह 22 अक्टूबर को हुआ था। चुनाव आयोग ने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार सर्वेश कुमार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ जदयू को दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हार मिली। आयोग ने बताया कि सर्वेश कुमार ने 22549 वोटों में से 15595 मत पाए। उन्होंने जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अशोक चौधरी के करीबी दिलीप कुमार चौधरी से सीट छीन ली। जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार और देवेश चंद्र ठाकुर ने पटना स्नातक और तिरहुत स्नातक सीटों को बरकरार रखा। नीरज कुमार सूचना जनसंपर्क विभाग के मंत्री थे औ अशोक चौधरी के पास भवन निर्माण विभाग था। कुमार और चौधरी को हाल ही में विधायिका की सदस्यता समाप्त होने के छह महीने की अवधि के बाद उनके मंत्रिमंडल के पद से हटा दिया गया था। भाजपा उम्मीदवार एनके यादव और नवल किशोर यादव ने क्रमशः कोशी स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों को बनाए रखा। सीपीआई के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह और केदार नाथ पांडे ने भी तिरहुत और सारण के अपने संबंधित शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों को बनाए रखा।